चलती ट्रैन में भाभी की धक्का पेल चुदाई – bhabhi chudai story

दोस्तो, नमस्कार! मेरी स्टोरी “चलती ट्रैन में भाभी की धक्का पेल चुदाई – bhabhi chudai story” यह भाभी चुदाई स्टोरी मेरी और मेरी पड़ोस वाली भाभी के सेक्स की है एक बार मुझे उनके साथ स्लीपर बस में जाना पड़ा हमारा एक ही केबिन था

नमस्ते, सभी पाठकों को मेरा सादर नमस्कार

मेरा नाम राजन है और मैं उदयपुर का रहने वाला हूँ
मैं 25 साल का हूँ

मेरा रंग गोरा है और मेरी लंबाई 6 फुट 2 इंच की है
मैं अभी अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर रहा हूँ

यह भाभी चुदाई स्टोरी मेरी और मेरी पड़ोस वाली भाभी की है

उन भाभी का नाम सुनीता है
वे 36 साल की हैं, पर लगती सिर्फ 28 की हैं (bhabhi chudai story)

भाभी दिखने में एक औसत महिला की तरह ही हैं पर उनके चूचे और गांड का तो क्या कहना मस्त उठे हुए हैं
भाभी का फिगर 38-32-38 का है

जब भी वे मेरे सामने से गुजरती हैं, तो मैं पागल हो जाता हूँ
उनकी मटकती हुई गांड को देख कर मुहल्ले के कई लौंडे
अपना लौड़ा दबा कर मसलने लगते हैं (bhabhi chudai story)

सुनीता भाभी मेरे पड़ोस वाले घर में ही रहती थीं
इस वजह से उनका हमारे घर में रोज़ आनाजाना लगा रहता है

वे कई बार घरेलू उपयोग की चीजें लेने के लिए हमारे घर आती रहती हैं
मैं भी कई बार उनके घर जा चुका हूँ (bhabhi chudai story)

इसी वजह से भाभी मुझसे काफी घुलमिल गई हैं
उनके पति एक बड़ी MNC कंपनी में मार्केटिंग डिपार्टमेंट में काम करते हैं
इसलिए कई बार उन्हें दूसरे स्टेट या कंट्री में भी जाना पड़ता है

अपनी इसी व्यस्तता की वजह से भैया सुनीता भाभी को ज्यादा टाइम नहीं दे पाते थे

एक बार सुनीता भाभी को अपने किसी रिश्तेदार की शादी में सूरत जाना था
और उनके पति आउट ऑफ स्टेशन थे (bhabhi chudai story)

सुनीता भाभी ने मेरी मां से साथ चलने के लिए कहा
पर मेरी मां ने अपने दूसरे कामों की वजह से मना कर दिया

मेरी कॉलेज की छुट्टियां चल रही थीं इसलिए मां ने भाभी से मुझे साथ ले जाने को बोला
भाभी के पास दूसरा कोई विकल्प न होने के कारण उन्होंने हां कर दी

जब मुझे जानकारी मिली कि मुझे भाभी के साथ जाना है और बस से जाना है तो मैंने प्लानिंग कर ली
मैंने एक अच्छी सी प्राइवेट बस सर्विस वाले से बात की और उससे डबल बेड वाली बर्थ बुक करवा ली (bhabhi chudai story)

अभी मैंने भाभी को यह नहीं बताया था कि बुकिंग किस तरह की बर्थों की हुई है
उनके पूछने पर मैंने सिर्फ यह बताया दिया कि हां बुकिंग हो गई है

शाम को 8:30 बजे हम दोनों घर से निकले लग्जरी बस में आ गए
वे लॉंग स्कर्ट और शॉर्ट शर्ट पहनी हुई थीं और काफी खतरनाक माल लग रही थीं (bhabhi chudai story)

बस स्टॉप पर पहुँच कर भाभी ने हम दोनों के लिए एक ही डबल बर्थ देखी तो
भाभी ने मुझे देख कर कहा अलग अलग वाली बर्थ नहीं मिली क्या
मैंने कहा अभी बात कर लेता हूँ यदि कुछ हो सकता होगा तो करवा लेता हूँ

भाभी ने कुछ नहीं कहा (bhabhi chudai story)

मैंने अटेंटेंड से बात की तो उसने असमर्थता जताते हुए कहा यह नहीं हो पाएगा
मैं वापस भाभी के पास आया और मैंने बताया कि सम्भव नहीं है
भाभी बोलीं चलो अब जैसा है, उसी से चलते हैं

हम दोनों अपनी बर्थ पर आ गए और लेट कर अपने सफर पर निकल पड़े

सफ़र में रात होने तक हम दोनों ने बहुत सारी बातें भी कीं
रात को 12:00 बजे बस एक होटल पर रुकी (bhabhi chudai story)

मैं भाभी के लिए नाश्ता लेकर आया और हम दोनों ने साथ में ही नाश्ता किया
नाश्ता करने के बाद हम दोनों सोने लगे भाभी अपनी पीठ मेरी ओर करके आराम से सो रही थीं
और मैं भी अपनी दोनों टांगें फैलाए सो रहा था

अचानक रात के 1:40 बजे मेरी नींद खुली, तो मैंने देखा कि भाभी गहरी नींद में सोई थीं
पर रोड के झटकों के कारण उनका एक पैर मेरे पैर के ऊपर आ गया था उनकी स्कर्ट भी घुटनों तक आ गई थी (bhabhi chudai story)

यह देखकर मैं हैरान रह गया और दूसरी ओर मुँह करके सोने लगा
पर अब मुझे नींद नहीं आ रही थी इसलिए मैं भाभी के और पास जाकर उनसे चिपक कर सो गया

और मैंने ऐसा जताया कि मैं नींद में ही ऐसा कर रहा हूँ
बस के हिचकोले लेकर चलने की वजह से मैं उनके करीब आ गया हूँ
उनके बदन का स्पर्श मुझे गर्म कर रहा था और मेरे लंड में तनाव आ गया था (bhabhi chudai story)

बस हिलती तो मेरा लौड़ा उनकी गांड को टच कर रहा था
उनकी मुलायम गांड की गर्मी से लंड को पसीना आने लगा और उसमें से आँसू निकलने लगे

मुझे मज़ा आने लगा और मैं उनके ऊपर अपने पैर को चढ़ाने लगा
भाभी गहरी नींद में थीं लेकिन मेरे पैर के वजन से वे जाग गई थीं
उन्होंने खुद को कसमसाते हुए जरा जुंबिश दी तो मैं समझ गया कि भाभी जाग गई हैं (bhabhi chudai story)

मैं अलर्ट था कि यदि भाभी कुछ कहेंगी, तो मैं पैर हटा कर सॉरी बोल दूंगा
पर उन्होंने कुछ नहीं कहा मैं समझ गया कि भाभी भी मज़ा ले रही हैं

कुछ देर तक जब भाभी ने कुछ नहीं कहा तो मैंने थोड़ाथोड़ा करके अपने पैर से उनके पैरों पर चढ़ी स्कर्ट को हटाना चालू कर दिया
और धीरे धीरे उनकी स्कर्ट को उनके घुटनों के ऊपर तक खींच दिया

फिर वहीं से अन्दर हाथ डालकर मैं भाभी की जांघों पर अपना हाथ फेरने लगा
भाभी की जांघें एकदम नर्म रुई जैसी थीं (bhabhi chudai story)

उनकी जांघों पर हाथ फेरते हुए मैं धीरेधीरे भाभी की चूत पर पहुंच गया उन्होंने पैंटी भी नहीं पहनी थी
तो मुझे काफी हद तक समझ में आ गया था कि भाभी तो पहले से चुदने का मन बनाई हुई थीं

भाभी अब भी मदहोश पड़ी थीं मैंने उनकी चूत पर हाथ फेर दिया
और इतने पर भी जब भाभी ने कुछ नहीं कहा तो मैं उनकी चुत पर अपना हाथ फेरने लगा (bhabhi chudai story)

भाभी की चुत में नमी आ गई थी जो मुझे मेरे हाथ पर महसूस हो रही थी
उनकी नम चुत देखते ही मैंने फट से अपना दूसरा हाथ उनके मुलायम बोबों पर रख दिया और धीरेधीरे उन्हें सहलाने लगा

अब धीरेधीरे भाभी भी इससे उत्तेजित होने लगीं और उनकी मादक सिसकारियां निकलने लगीं ‘उम्मम … उम्मम … आम्मम’
मैं समझ गया कि भाभी की चुदास बढ़ रही है (bhabhi chudai story)

मैं उनके एक निप्पल को अपनी दो उंगलियों में दबा कर मींजने लगा

थोड़ी देर के बाद भाभी ने मेरी तरफ करवट ले ली और मेरे मुँह से अपना मुँह लगा कर सो गईं

कुछ पल के बाद मैंने धीरे से उन्हें लिप किस किया
पर पहले उन्होंने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया

मैंने दोबारा उनको चूमा और इस बार मैंने लंबा फ्रेंच किस किया

इसके बाद भाभी का भी रिस्पॉन्स मिलने लगा और अब वे भी मेरे होंठों को चूसने लगीं
हम दोनों अब बिंदास चूमाचाटी करने लगे थे (bhabhi chudai story)

कुछ मिनट तक किस करने के बाद मैंने भाभी की शॉर्ट शर्ट को ओपन कर दिया
उन्होंने अपने मम्मों पर ब्रा नहीं पहनी थी शायद रात को वे अपने चूचों को आजाद रखना पसंद करती थीं

मैं उनकी चूचियों से खेलने लगा और एक दूध को अपने होंठों में दबा कर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा
वे भी जोश में आकर मेरे कान में कहने लगीं आह मजा आ रहा है राजन … आह और ज़ोर से चूसो … मेरा सारा दूध पी जाओ आह!

भाभी के बोबों को चूसते हुए मैंने अपना एक हाथ उनकी लॉंग स्कर्ट में डाल दिया और उनकी चूत के ऊपर हाथ फेरने लगा
इससे भाभी कुछ ज़्यादा ही तड़प उठीं और उन्होंने नीचे को सरक कर मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया

मैं मस्त हो गया और उनका सर अपने लंड पर दबाने लगा
वे मस्ती से मेरे लंड को चूसने लगीं (bhabhi chudai story)

कुछ 5 मिनट चूसने के बाद मेरा लंड स्टील रॉड की तरह कड़क हो गया

अब मैंने उनकी स्कर्ट को ऊपर कर दिया और उन्हें अपने आगे कुछ इस तरह से लिटा लिया
कि उनकी चुत में पीछे से अपना लंड पेल सकूँ मैं भाभी की चुत में लंड डालने लगा

पर लंड आसानी से अन्दर नहीं जा पा रहा था क्योंकि कई महीनों से भाभी चुदी नहीं थीं
और उनकी गांड काफी बड़ी थी तो सही से रास्ता नहीं मिल रहा था

फिर मैंने उनके छेद पर लंड का सुपारा सैट करके एक ज़ोर का धक्का लगा दिया
मेरा आधा लंड सट से उनकी चूत में घुस गया (bhabhi chudai story)

अचानक से हुए इस हमले की वजह से भाभी की चीख निकलने को हुई
पर मैंने अपने हाथ से उनके मुँह को दबा लिया था तो वे चीख निकाल ही न सकीं
अब मैं पीछे से उनकी चुत को पेलने लगा

दस मिनट की चुदाई के बाद मैंने भाभी से कहा चित लेट जाओ
वे चित हो गईं और मैंने उनके ऊपर चढ़ कर उनके दूध चूसते हुए उन्हें तबियत से चोदना चालू कर दिया

कुछ 10 मिनट और chut chudai के बाद हम दोनों साथ में ही झड़ गए
झड़ने के बाद मैं भाभी के ऊपर ही पड़ा रहा और वे भी मुझे अपने सीने से चिपकाई हुई पड़ी रहीं

कुछ पल बाद मैं उनके बाजू में लेट गया और हम दोनों ने फिर से किसिंग और स्मूचिंग करना शुरू कर दिया
थोड़ी देर में हम दोनों फिर से चुदाई के लिए गर्म हो गए (bhabhi chudai story)

इस बार भाभी मेरे लंड के ऊपर आने की कहने लगीं
मैंने ओके कहा और सीधा लेट गया

भाभी ने बैठ कर लंड चूसा और वे पोजीशन बनाती हुई
मेरे लौड़े को अपनी चुत में सैट करके उस पर बैठ गईं मस्त चुदाई होने लगी

करीब बीस मिनट तक मैंने भाभी के दोनों दूध भींच भींच उनकी चुदाई का मजा लिया

इसी तरह से पूरी रात में मैंने भाभी को 5 बार चोदा (bhabhi chudai story)
जब शादी के घर में हम दोनों पहुंचे तो भाभी ने कुछ ऐसा इंतजाम कर लिया था कि मैं उनके साथ ही रुक गया

अब तो भाभी को भी चुत में लेने के लिए मेरे लंड की भूख जाग गई थी

मैंने उधर की हर रात में भाभी की चुत चुदाई का मजा लिया
दिन में भी मैं कई बार भाभी के चूचे और गांड दबा दिया करता था

शादी के बाद भाभी और मैं वापस घर आ गए
आते समय भी हम दोनों चुदाई का मजा लेते हुए आए

अब मैं कई बार भाभी के घर पर जाकर उन्हें मजे से चोद लेता हूँ (bhabhi chudai story)

चुत में लंड पेलते पेलते मैंने एक बार भाभी की गांड मारने की इच्छा जताई तो वे मना करने लगीं

मैंने उनसे पूछा कि क्यों मना कर रही हो
वे बोलीं उधर मजा नहीं आता है गंदगी हो जाती है!

मैंने कहा ऐसे कैसे गंदगी हो जाती है साफ सफाई करके करना चाहिए
वे बोलीं वह कैसे होती है (bhabhi chudai story)

मैंने ब्लूफिल्म में गांड चुदाई से पहले की तैयारियों की वीडियो देखी
और गांड मरवाने से पहले एनीमा लेने की विधि से भाभी को अवगत कराया

अब भाभी अपनी गांड मरवाने के लिए भी राजी हो गई थीं
उन्होंने पहले अपने पति से भी गांड मरवाई थी तो उनकी गांड खुली हुई थी

उस रात में जब मैंने भाभी की Gand Chudai की तो उन्हें बड़ा मजा आया
और वे बोलीं यार, इतना मजा तो चुत चुदवाने में भी नहीं आता मैं हंस दिया (bhabhi chudai story)

अब मैं जब चाहे उनकी चुत या गांड मार लेता हूँ
जब भी भाभी के पति बाहर होते हैं, तो वे मुझे चुपके से अपने कमरे में आकर चुदाई का जुगाड़ सैट कर देती हैं
और मज़े ले लेकर मेरे लौड़े से अपनी चुत गांड चुदवा लेती हैं

दोस्तो, यह मेरी सच्ची सेक्स कहानी है

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