हेलो दोस्तों मैं आदित्य, आज मैं एक नई सेक्स स्टोरी लेकर आ गई हूं जिसका नाम है “बुआ को चोदके अपने लंड का दिवाना बनाया – bua ki chudai” यह कहानी राजन की है आगे की कहानी वह आपको खुद बतायगे मुझे यकीन है कि आप सभी को यह पसंद आएगी।
दोस्तों ये मेरी देसी हिंदी सेक्स कहानी है
जो मेरी असली जिंदगी की सच्ची घटना है जिसे मैं हमेशा अपने मन में छुपाकर रखना चाहता था
लेकिन आज दिल की बात खोलकर आप सबके सामने बयान कर रहा हूं। (bua ki chudai)
हैलो फ्रेंड्स मेरा नाम राजन है और मेरी उम्र 25 साल है
मैं आप सभी के सामने मौजूद हूं अपनी एक नई कहानी लेकर।
दोस्तों यह मेरी लाइफ की एक सच्ची घटना है जो मेरी बुआ की चुदाई पर आधारित है।
यह घटना अभी कुछ साल पहले की है।
दोस्तों जब मेरी उम्र 19 साल थी और मेरी क्लास में एग्जाम चल रहे थे।
मेरी बुआ हमारे ही बस्ती शहर में रहती हैं (bua ki chudai)
उनका घर हमारे घर से कुछ ही दूरी पर था।
तो अब मैं आप सभी को अपनी बुआ के बारे में बताता हूं।
दोस्तों मेरी रेनू बुआ 36 साल की हैं और उनकी शादी को 8 साल हो गए हैं और उनका एक 6 साल का बच्चा भी है।
उनका फिगर 34-26-36 है। (bua ki chudai)
उनकी हाइट 5 फीट 2 इंच है उनका बहुत गोरा कलर है
और बालों का कलर काला और वो दिखने में बहुत सुंदर हैं।
वो ज्यादातर साड़ी पहनती हैं।
यह घटना गर्मी के महीने की है जब मेरे मम्मी पापा मेरे मामा की बेटी की शादी में गुजरात गए हुए थे
और वो मुझे जाने से पहले मेरी रेनू बुआ के घर पर छोड़कर गए (bua ki chudai)
और उन्होंने उनसे मेरा ख्याल रखने को कहा।
मेरी रेनू बुआ को मैं बहुत पसंद था क्योंकि बुआ मुझसे अपनी सारी समस्या शेयर करती
और मैं उनकी सभी बातें ध्यान से सुनता था।
फिर मैं उनके घर रात के 11 बजे मम्मी पापा को रवाना करके पहुंचा
और ड्राइवर से कहा कि गाड़ी यहीं पार्क कर दो। (bua ki chudai)
फिर मैं गाड़ी की चाबी लेकर अंदर चला गया आज वहां पर केवल बुआ और बुआ का बेटा आर्यन था।
मैं बोला बुआ फूफाजी कहां हैं।
बुआ बोलीं बेटा वो कुछ दिनों के लिए बिजनेस टूर पर गए हैं।
मैं बोला चलो फिर तो अच्छा हुआ मैं यहां पर आ गया अब आपको भी अकेले डर नहीं लगेगा।
बुआ बोलीं हां ठीक है तुम आराम से रहो। (bua ki chudai)
बुआ बोलीं मम्मी पापा को अच्छे से छोड़ आया।
मैं बोला हां बुआ छोड़ आया।
बुआ बोलीं वो लोग कब तक वापस आएंगे।
मैं बोला वो 5 दिन बाद लौटेंगे। (bua ki chudai)
बुआ बोलीं तूने कुछ खाया है कि नहीं।
मैं बोला हां बुआ मैंने डिनर कर लिया है।
बुआ बोलीं पक्का कुछ खाना है तो बोल दे।
मैं बोला जी नहीं बुआ मुझे कुछ नहीं खाना। (bua ki chudai)
फिर हम लोगों ने थोड़ी देर टीवी देखी और थोड़ी इधर उधर की बातें की
फिर आर्यन को नींद आ रही थी तो बुआ ने आर्यन को बेड पर सुला दिया।
फिर कमरे का गेट बंद करके बुआ बोलीं चल दूसरे कमरे में आजा मैं कपड़ों पर प्रेस कर लेती हूं
और हम वहीं पर बैठकर बात कर लेंगे।
मैं बोला ठीक है चलो। (bua ki chudai)
फिर बुआ जैसे ही प्रेस करने बैठीं तो उनका पल्लू सरक गया
मुझे उनकी छाती दिखी वाह क्या नजारा था।
यह देखकर मेरा तो लंड खड़ा हो गया।
बुआ के चूचे बहुत बड़े नहीं थे लेकिन बहुत ही अच्छे थे
और बुआ प्रेस करते करते मुझसे बोलीं कि। (bua ki chudai)
बुआ बोलीं तुझे बुरा लग रहा होगा ना कि गर्मियों के कैंप की वजह से तू नहीं जा पाया।
बुआ मेरा गाल सहलाते हुए बोलीं कि कोई बात नहीं अब 2 महीने बाद राज की शादी है
उसमें मस्ती कर लेना सारी कसर निकाल लेना।
मैं स्माइल पास कर दी हां बुआ मुझे तो सबसे मिलना और घर वालों के साथ बहुत मस्ती करनी है।
बुआ बोलीं मैंने तेरे जीजाजी की फोटो देखी बहुत सुंदर हैं और उनकी जोड़ी बहुत अच्छी है।
मैं बोला हां बात करने में भी अच्छे हैं और अमीर भी हैं बिल्कुल अपने स्टैंडर्ड के। (bua ki chudai)
फिर मैं बुआ के पास गया और उन्हें गले लगाकर चुप करने लगा और कहने लगा कि मुझे पता है
कि बुआ अपनी शादीशुदा लाइफ से खुश नहीं हैं
कितनी बार दादी जी को तलाक के लिए बोलती रहती हैं।
लेकिन मेरी दादी नहीं मानती फूफाजी बहुत गरीब फैमिली से हैं (bua ki chudai)
कमाते वगैरह अच्छे हैं और खुले मिजाज के भी हैं।
लेकिन शराबी हैं और रोज दारू पीकर घर आते हैं
एक बार तो उन्होंने दारू पीकर बुआ पर हाथ भी उठाया था।
फिर बुआ ने भी मुझे कसकर पकड़ लिया और जोर जोर से रोने लगी। (bua ki chudai)
मैं बुआ को चुप करा रहा था लेकिन साथ ही साथ उनको गले लगाने पर मेरे शरीर में करंट भी दौड़ रहा था।
तो मुझसे अब कंट्रोल नहीं हो रहा था।
फिर मैंने बुआ का चेहरा ऊपर उठाया और उनके आंसू पोंछे।
मैं बोला बुआ ऐसे आदमी के लिए रोकर क्या फायदा जिसकी नजर में आपकी कोई कीमत नहीं।
लेकिन बुआ अभी भी रो रही थी। (bua ki chudai)
बुआ बोलीं तुझे नहीं पता राजन कितना बुरा लगता है
जब किसी का पति उस पर बिल्कुल ध्यान नहीं देता।
तू अभी बच्चा है और तू नहीं समझेगा कैसा दर्द होता है।
मैं बोला बुआ मैं समझता हूं आपको क्या चाहिए। (bua ki chudai)
यह कहकर मैंने बुआ को किस करने की कोशिश की बुआ ने मुझे दूर किया और चिल्लाकर कहा।
बुआ बोलीं क्या बदतमीजी है यह।
मैं बोला बुआ यह कोई बदतमीजी नहीं आपकी खुशी है जो फूफाजी आपको नहीं देते।
बुआ बोलीं क्या तू पागल हो गया है।
फिर यह बोलकर बुआ पलटी और अपने बेडरूम की तरफ जाने लगी।
तो मैंने बुआ की कमर पीछे से पकड़ ली और कहा। (bua ki chudai)
मैं बोला बुआ हर खुशी पर सबका बराबर हक होता है
और अगर फूफाजी आपको यह खुशी नहीं देते तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप इस खुशी की हकदार नहीं।
आपको भी सेक्स का पूरा हक है।
फिर बुआ मेरी तरफ पलटी और चौंककर मेरी तरफ देखने लगी
क्योंकि मैंने पहली बार उनके सामने सेक्स जैसा शब्द काम में लिया था। (bua ki chudai)
फिर मैंने बुआ का चेहरा पकड़ा और उनकी आंखों में झांककर कहा।
मैं बोला बुआ मेरा इसमें क्या स्वार्थ आप तो मेरी गर्लफ्रेंड्स के बारे में सब जानती हैं ना
और मैं उनमें से किसी के भी साथ सेक्स कर सकता हूं
और मेरी आपके साथ सेक्स की बात यह आपकी खुशी के लिए है अब आप ही समझो।
बुआ बोलीं नहीं यह गलत है राजन यह बिल्कुल गलत है। (bua ki chudai)
फिर मैंने बुआ की बात बिना सुने उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और किस करने लगा।
पहले बुआ थोड़ा हिचकिचा रही थी लेकिन धीरे धीरे वो भी मेरा साथ देने लगी
अब हम दोनों एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे और दोनों वैसे ही एक दूसरे को चोदने के लिए तैयार हो रहे थे।
मेरा लंड अब पूरी तरह तन चुका था और बुआ की सांसें भी तेज हो गई थीं। (bua ki chudai)
मैंने बुआ को उठाकर बेड पर लिटा दिया और उनकी साड़ी का पल्लू पूरी तरह हटा दिया।
उनकी ब्लाउज के बटन खोलकर उनके बड़े चूचे बाहर निकाल लिए और चूसने लगा।
बुआ आहें भर रही थीं और मेरे बालों में हाथ फेर रही थीं।
मैंने उनकी साड़ी और पेटीकोट ऊपर कर दिया और उनकी पैंटी में हाथ डालकर उनकी चुत को सहलाने लगा।
बुआ की चुत पहले से ही गीली हो चुकी थी। (bua ki chudai)
वो चुदवाती हुई बोलीं राजन क्या कर रहे हो तुम लेकिन उनका शरीर मेरे साथ पूरा सहयोग दे रहा था।
मैंने अपनी पैंट उतारकर अपना लौड़ा बाहर निकाला और बुआ के हाथ में थमा दिया।
बुआ ने मेरे लंड को हाथ में लेकर रगड़ना शुरू कर दिया।
मैंने उनकी पैंटी उतार दी और अपनी उंगलियां उनकी चुत में डाल दीं।
बुआ चिल्ला उठीं और बोलीं राजन धीरे से। (bua ki chudai)
फिर मैं उनके ऊपर चढ़ गया और अपना लंड उनकी चुत पर रगड़ने लगा।
एक झटके में मैंने अपना पूरा लंड उनकी चूत में ठेल दिया।
बुआ जोर से चीख पड़ीं लेकिन फिर वो चुदक्कड़ बनकर मेरे साथ चुदवाने लगीं।
मैं बुआ को जोर जोर से चोदते हुए उनके चूचे दबा रहा था।
बुआ की चुत बहुत टाइट थी और मेरे लंड को अच्छे से पकड़ रही थी। (bua ki chudai)
हम दोनों एक दूसरे को चोद रहे थे और कमरा उनकी आहों और मेरी सांसों से भर गया था।
मैंने उन्हें कई पोजीशन में चोदा पहले मिशनरी फिर डॉगी फिर वो मेरे ऊपर सवार होकर चुदवाती रही।
हर बार मैं उनका लंड अपनी चुत में ले रही थी और Chut Chudai का मजा ले रही थी।
मैंने बुआ को चोदते चोदते उनकी चुत में अपना सारा माल झड़ दिया।
फिर हम दोनों थककर लेट गए लेकिन रात भर हमारी चुदाई चलती रही।
अगले दिन सुबह जब आर्यन स्कूल चला गया तो फिर हमने एक राउंड चुदाई की।
इस बार बुआ खुद मुझसे बोलीं राजन आज मुझे अच्छे से चोदो मैं चुदक्कड़ हूं
और तुम्हारे लंड का इंतजार कर रही थी। (bua ki chudai)
मैंने उनकी चुत को चाटा और फिर लंड डालकर चोदना शुरू कर दिया।
वो चुदवाने के लिए अपनी टांगें फैलाकर लेट गईं और मैं उनका लौड़ा बार बार अंदर बाहर कर रहा था।
हमारी चुदाई अब रोज की हो गई थी।
जब तक मम्मी पापा वापस नहीं आए हम दोनों दिन रात चोदते रहे।
बुआ अब पूरी तरह मेरी चुदाई की दीवानी बन गई थीं। (bua ki chudai)
वो कहतीं राजन तुम्हारा लंड मुझे फूफाजी के लंड से कहीं बेहतर लगता है।
मैं उनको चोदते समय उनके कानों में फुसफुसाता कि बुआ तुम मेरी चुदक्कड़ हो और मैं तुम्हारी चुत को हमेशा चोदता रहूंगा।
उनकी चुदाई की याद आज भी मुझे उत्तेजित कर देती है।
इस घटना के बाद बुआ मेरे साथ कई बार मिलीं और हर बार हमने खुलकर चुदाई की।
एक बार तो हम होटल में गए और वहां पूरे दिन उनकी चुत चोदी। (bua ki chudai)
वो चुदवाती हुई चीखतीं राजन और जोर से चोदो मेरी चुत को फाड़ दो।
मेरा लंड उनकी चुत में घुसता और वो आनंद से भर जातीं।
हमारी यह चुदाई की कहानी आज भी मेरे दिल में ताजा है।
दोस्तों यह थी मेरी बुआ की चुदाई की सच्ची घटना जिसमें मैंने उन्हें पूरी तरह संतुष्ट किया।
अगर आपको मेरी यह लंबी कहानी पसंद आई हो तो कमेंट में जरूर बताना। (bua ki chudai)
दोस्तों ये मेरी अपनी सच्ची रोमांटिक कहानी है अगर आपको पसंद आई तो कमेंट करके जरूर बताना।